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बद्रीनाथ चढ़ावा गड़बड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

देहरादून/बद्रीनाथ: बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दान में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। सेवानिवृत्त होने के महज कुछ दिनों बाद हुई इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है।

एसआईटी ने शुक्रवार को बद्रीनाथ में राजेंद्र चौहान से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दोपहर 2:59 बजे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। राजेंद्र चौहान 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें अब 18 जुलाई को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को मिले सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान 22, 25 और 29 जून को मंदिर के गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) से कथित तौर पर नकदी निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

एसआईटी अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन-कौन शामिल था तथा पूरे मामले में किस स्तर तक जिम्मेदारी तय होती है। इससे पहले विभागीय जांच के बाद प्रभारी खजांची को पद से हटाया जा चुका है और कई कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है।

जांच समिति ने दिए कई अहम सुझाव

मामले की जांच के लिए BKTC द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगड़ को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

चढ़ावा गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करना।
काउंटिंग रूम और अन्य स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाना।
निगरानी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और मजबूत बनाना।
चढ़ावा गिनती की प्रक्रिया में श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की व्यवस्था करना।

यह समिति 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर चढ़ावे के गबन के आरोप सामने आने के बाद गठित की गई थी।

समिति की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात प्रमोद नौटियाल को पहले निलंबित किया गया था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और 13 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इससे पहले भी मामले में एक अन्य कर्मचारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआईटी अब पूरे प्रकरण की परत-दर-परत जांच कर रही है ताकि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच को लेकर प्रदेशभर के लोगों की निगाहें एसआईटी की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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