उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के पूरा होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 71,33,785 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 37,23,614 पुरुष, 34,09,954 महिलाएं और 217 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन मतदाताओं में से करीब 19 लाख मतदाताओं के गणना फॉर्म में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। ऐसे मतदाताओं को 14 जुलाई से 11 सितंबर के बीच नोटिस जारी किए जाएंगे और उनके दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
ड्राफ्ट सूची के अनुसार सबसे अधिक मतदाता हरिद्वार में 12,46,219 हैं, जबकि देहरादून में 11,90,805 और ऊधम सिंह नगर में 11,55,672 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा नैनीताल में 6,93,325, पौड़ी गढ़वाल में 5,03,468, अल्मोड़ा में 4,71,938, टिहरी गढ़वाल में 4,63,628, पिथौरागढ़ में 3,41,497, चमोली में 2,72,187, उत्तरकाशी में 2,24,417, बागेश्वर में 2,00,919, चंपावत में 1,88,924 और रुद्रप्रयाग में 1,80,786 मतदाता शामिल हैं।
उत्तराखंड में कुल 86,433 सर्विस मतदाता हैं। इनमें 83,769 पुरुष और 2,664 महिला मतदाता शामिल हैं। सर्विस मतदाताओं की सबसे अधिक संख्या पौड़ी गढ़वाल (14,569) और पिथौरागढ़ (13,016) जिलों में दर्ज की गई है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि जिन मतदाताओं के विवरण में त्रुटियां मिली हैं, उन्हें संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे। उनकी सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पालिका और वार्ड स्तर पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि मतदाताओं को सुविधा मिल सके।
निर्वाचन विभाग ने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और मतदाता सूची में किसी प्रकार के संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्य माना है। इनमें पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक या अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, सरकारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, भूमि या मकान आवंटन पत्र सहित अन्य अधिकृत दस्तावेज शामिल हैं। आधार से संबंधित प्रक्रिया आयोग के पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होगी।
