नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लोकसभा सचिवालय ने इन सांसदों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। यह कार्रवाई टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर अयोग्यता याचिकाओं और सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद सामने आई है।
दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने 18 जून को पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। इन याचिकाओं में सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी।
टीएमसी का आरोप है कि इन सांसदों ने पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता, लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुई सुनवाई
इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने 20 बागी सांसदों के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से इस मामले में सॉलिसिटर जनरल पेश हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की ओर से मांग की गई थी कि लोकसभा स्पीकर दल-बदल विरोधी कानून के तहत दाखिल अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला करें।
सौगत रॉय बोले- मामला कानूनी, ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा
लोकसभा सचिवालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह एक कानूनी मामला है। उन्होंने कहा कि पार्टी के वकील कल्याण बनर्जी इस मुद्दे पर पहले ही बयान दे चुके हैं और वह इस पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते।
कौन-कौन से सांसद हुए बागी?
पार्टी में टूट के बाद टीएमसी के कई सांसदों के अलग होने की बात सामने आई थी। बागी गुट में वरिष्ठ नेताओं के अलावा पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान, सायोनी घोष, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, जून मालिया और प्रसून बनर्जी जैसे नाम भी शामिल बताए गए हैं।
बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की थी। उनका दावा है कि उनके पास टीएमसी के लोकसभा सांसदों का दो-तिहाई समर्थन है।
अब सांसदों के जवाब पर नजर
लोकसभा सचिवालय के नोटिस के बाद अब सभी 20 सांसदों को निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद मामले में आगे की संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया तय होगी। ऐसे में टीएमसी और बागी सांसदों के बीच चल रही यह राजनीतिक और कानूनी लड़ाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
