कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच जारी विवाद के बीच कन्नड़ संगठनों की ओर से बुलाए गए कर्नाटक बंद का राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कई संगठनों ने बंद में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार किया है और आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की बात कही है। राजधानी बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, जबकि कई शैक्षणिक संस्थानों ने एहतियातन एक दिन की छुट्टी घोषित की है।
बंद के बावजूद BMTC और KSRTC की बसें तथा नम्मा मेट्रो सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। ऑटो, टैक्सी और कैब भी सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। एयरपोर्ट से जुड़ी टैक्सी सेवाएं भी जारी हैं।
वहीं, बेंगलुरु के अलावा मैसूर में बंद का खास असर नहीं दिखाई दिया। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट के प्रतिनिधियों के मुताबिक वहां स्कूल सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और होटल भी खुले हैं।
कन्नड़ संगठन के नेता वाटाल नागराज ने कहा है कि सुबह 11 बजे टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक विरोध रैली निकाली जाएगी। प्रदर्शन को देखते हुए बेंगलुरु समेत राज्य के प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और संगठनों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी व्यक्ति को जबरन बंद में शामिल करने, दुकान या संस्थान बंद कराने अथवा यातायात बाधित करने की कोशिश न की जाए। हिंसा, धमकी, तोड़फोड़, सड़क जाम या आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बंद के दौरान अधिकांश जरूरी सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन जारी हैं। इनमें शामिल हैं:
अस्पताल, फार्मेसी और मेडिकल संस्थान
स्कूल और कॉलेज
IT, BT और ITE कंपनियां
सरकारी कार्यालय और संस्थान
उद्योग और व्यावसायिक संस्थान
शॉपिंग मॉल
BMTC और KSRTC बस सेवाएं
नम्मा मेट्रो
ऑटो, टैक्सी और कैब
प्राइवेट और स्कूल बसें
एयरपोर्ट टैक्सी सेवाएं
होटल, बेकरी और कंडिमेंट दुकानें
कपड़ों की दुकानें और संस्थान
बाजार और APMC यार्ड
सड़क किनारे सामान बेचने वाले
मांड्या में शराब की बिक्री पर रोक
कावेरी विवाद को लेकर बंद के मद्देनजर मांड्या जिले के KR पेट, श्रीरंगपट्टनम, मद्दुर, पांडवपुरा और मांड्या तालुकों में शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
डिप्टी कमिश्नर के आदेश के मुताबिक शराब की दुकानें, बार और रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। यह प्रतिबंध सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा।
बंद के मद्देनजर सरकारी दफ्तरों को छोड़कर कई निजी कंपनियों और IT कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है। हालांकि, राज्य में परिवहन और कई व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं।
कुल मिलाकर, कर्नाटक बंद का असर हर जिले और क्षेत्र में एक जैसा नहीं है। बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन सामान्य है, जबकि कुछ इलाकों में स्कूल और निजी संस्थानों ने एहतियातन छुट्टी या वर्क फ्रॉम होम का विकल्प अपनाया है।
