वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना मंत्री डैन ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। CNN ने तीन सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ड्रिस्कॉल और अमेरिकी ‘सेक्रेटरी ऑफ वॉर’ पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से चल रही अनबन इस फैसले की प्रमुख वजहों में शामिल है।
डैन ड्रिस्कॉल के इस्तीफे की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका की सैन्य और विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ के साथ तनाव के कारण उनका जाना पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं माना जा रहा था।
हेगसेथ के साथ बढ़ गया था तनाव
CNN के अनुसार, डैन ड्रिस्कॉल और पीट हेगसेथ के बीच संबंधों में तनाव था। इस साल की शुरुआत में हेगसेथ ने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज और दो अन्य जनरलों को उनके पदों से हटा दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल रैंडी जॉर्ज और ड्रिस्कॉल ने साथ मिलकर काम किया था।
पूर्व आर्मी रेंजर और वेंचर कैपिटलिस्ट रहे ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना में सैनिकों के रहने की बेहतर सुविधाओं, सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण और युद्ध में आधुनिक कमर्शियल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया था।
यूक्रेन से मिली तकनीक को अमेरिकी सेना में लागू करने की पैरवी
ड्रिस्कॉल ने यूक्रेन में युद्ध के दौरान इस्तेमाल की जा रही तकनीकों और रणनीतियों से सीख लेकर उन्हें अमेरिकी सेना में लागू करने की वकालत की थी। उनके नेतृत्व में निजी कंपनियों ने अमेरिकी सेना के ठिकानों पर डेटा सेंटर, जरूरी खनिजों की रिफाइनरी और डाइनिंग सुविधाओं समेत विभिन्न परियोजनाओं में 25 अरब डॉलर से अधिक के निवेश का वादा किया था।
व्हाइट हाउस ने की ड्रिस्कॉल की तारीफ
इस्तीफे की खबर के बीच व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने ड्रिस्कॉल के कार्यकाल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति ट्रंप के ‘अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने’ के एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
केली के मुताबिक, ड्रिस्कॉल ने एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान के दौरान प्रभावी नेतृत्व दिया, सेना की तैयारी और मारक क्षमता पर जोर दिया तथा रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत में भी मदद की।
2025 में सीनेट ने दी थी नियुक्ति को मंजूरी
अमेरिकी सीनेट ने 25 फरवरी 2025 को 66-28 वोटों से डैन ड्रिस्कॉल की सेना मंत्री के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें इस पद के लिए नामित किया था।
ड्रिस्कॉल का सैन्य और राजनीतिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी करने से पहले ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान अमेरिकी सेना की 10वीं माउंटेन डिवीजन में कैवेलरी स्काउट प्लाटून लीडर के तौर पर सेवा दी थी।
इसके बाद उन्होंने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी के क्षेत्र में काम किया। वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं।
इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
डैन ड्रिस्कॉल के इस्तीफे से ट्रंप प्रशासन में रक्षा और सैन्य नीति को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, इस्तीफे की आधिकारिक परिस्थितियों और आगे की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम तस्वीर संबंधित प्रशासन की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
