श्रीनगर: श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह पार्किंग के दौरान इंडिगो का एक विमान VDGS पोल से टकरा गया। टक्कर कम गति में होने के कारण विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। हालांकि, इस घटना में विमान के अगले हिस्से यानी नोज (Nose) को नुकसान पहुंचा है।
विमान का नोज देखने में भले ही छोटा हिस्सा नजर आता है, लेकिन उड़ान के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसमें विमान के मौसम और नेविगेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपकरण लगाए जाते हैं।
विमान के नोज के अंदर क्या होता है?
विमान के नोज वाले हिस्से में सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक वेदर रडार होता है। यह विमान के सामने मौजूद मौसम की स्थिति का पता लगाने में मदद करता है। इसकी सहायता से पायलटों को भारी बारिश, तूफान और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों की जानकारी मिलती है।
वेदर रडार को सुरक्षित रखने के लिए नोज के आगे एक विशेष कवर लगाया जाता है, जिसे रेडोम (Radome) कहा जाता है। यह सामान्य धातु से नहीं बनाया जाता। इसे फाइबरग्लास, क्वार्ट्ज या अन्य कंपोजिट सामग्री से तैयार किया जाता है, ताकि रडार की रेडियो तरंगें आसानी से इसके आर-पार जा सकें।
नेविगेशन के लिए भी अहम है नोज
विमान के नोज में केवल वेदर रडार ही नहीं होता, बल्कि कई तरह के नेविगेशन से जुड़े एंटीना और उपकरण भी लगाए जाते हैं। ये उपकरण विमान को दिशा और स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
लैंडिंग और उड़ान के दौरान विमान के नेविगेशन सिस्टम को सटीक जानकारी देने में इन उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा इस हिस्से में सेंसर, वायरिंग और उपकरणों के लिए जरूरी कूलिंग सिस्टम भी मौजूद हो सकते हैं।
क्या नोज में यात्रियों का सामान रखा जाता है?
आमतौर पर विमान के सबसे आगे वाले नोज कोन में यात्रियों का सामान नहीं रखा जाता। यह हिस्सा मुख्य रूप से विमान के एयरोडायनामिक डिजाइन और महत्वपूर्ण एवियोनिक्स उपकरणों के लिए इस्तेमाल होता है।
विमान के निचले हिस्से में आगे का लैंडिंग गियर बे भी होता है, लेकिन वह नोज कोन के अंदर उसी जगह नहीं होता जहां वेदर रडार लगा होता है।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, घटना श्रीनगर एयरपोर्ट के बे नंबर 06 पर विमान की पार्किंग के दौरान हुई। इंडिगो का विमान पार्किंग प्रक्रिया के दौरान VDGS पोल से टकरा गया।
टक्कर के समय विमान की गति काफी कम थी, इसलिए विमान में मौजूद यात्रियों को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, विमान के नोज वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा है।
एयरपोर्ट का संचालन सामान्य
घटना के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से बताया गया कि श्रीनगर एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी है और विमानों का आवागमन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।
विमान के पोल से टकराने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पार्किंग के दौरान यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।
