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वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में सीमावर्ती गांवों के विकास को मिलेगी प्राथमिकता, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से संबंधित राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (SLSC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कई परियोजनाओं को समिति की संस्तुति भी प्रदान की गई।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय हो परियोजनाओं की प्राथमिकता

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र और संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित जनपदों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित की जानी चाहिए।

उन्होंने वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में सड़क और विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी, नेटवर्क, टेलीविजन एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय सेना, एसएसबी और आईटीबीपी से संबंधित आवश्यक परियोजनाओं को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों के साथ रणनीतिक आवश्यकताओं को भी प्रस्तावों में शामिल किया जा सकेगा।

प्राथमिकता के क्रम में केंद्र को भेजे जाएं प्रस्ताव

मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार को भेजे जाने वाले परियोजना प्रस्तावों में प्रत्येक कार्य की प्राथमिकता स्पष्ट रूप से निर्धारित होनी चाहिए। परियोजनाओं की सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम में तैयार की जाए और इसके लिए संबंधित जिलों से परियोजनाओं की प्राथमिकता प्राप्त की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार या राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं, उन्हें संबंधित योजनाओं से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए।

ऐसी परियोजनाओं को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सूची से हटाकर उनकी जगह अन्य आवश्यक और उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है।

हर जिले से पांच बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के तहत सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता निर्धारित करने के बाद ही केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने प्रत्येक संबंधित जनपद से पांच-पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना होना चाहिए। प्रोजेक्ट तैयार करते समय स्थानीय जरूरतों, कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन, आजीविका और सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए।

वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, डीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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