अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 606 अंक और एनएसई निफ्टी 50 करीब 168 अंक की गिरावट के साथ खुले। हालांकि, बाद में आईटी शेयरों में तेज खरीदारी के चलते बाजार ने शानदार रिकवरी की और प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर कारोबार करने लगे।
इसी बीच, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड देवर्ष वकील ने बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के शेयरों में निवेश की सलाह दी है। उनका मानना है कि कंपनी ने अपने कारोबार का सफलतापूर्वक विविधीकरण (डायवर्सिफिकेशन) किया है, जिससे भविष्य में बेहतर विकास की संभावनाएं बनी हुई हैं।
देवर्ष वकील के अनुसार, कंपनी अब केवल चीनी उत्पादन पर निर्भर नहीं है। उसने इथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और खोई (Bagasse) आधारित को-जनरेशन बिजनेस का विस्तार किया है। इससे कंपनी की आय के स्रोत मजबूत हुए हैं और चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उसके कारोबार पर अपेक्षाकृत कम पड़ता है।
उनका कहना है कि यह रणनीति कंपनी की आय को अधिक स्थिर बनाती है और लंबे समय में मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ाती है।
विशेषज्ञ का मानना है कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने और बायोफ्यूल को प्रोत्साहन देने की केंद्र सरकार की नीति का लाभ बलरामपुर चीनी मिल्स जैसी कंपनियों को मिलेगा। आने वाले वर्षों में इथेनॉल की मांग लगातार बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के कारोबार को मजबूती मिल सकती है।
देवर्ष वकील ने निवेशकों को 560 से 579 रुपये के दायरे में बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर खरीदने की सलाह दी है। यदि शेयर में गिरावट आती है और भाव 505 से 515 रुपये तक पहुंचते हैं, तो उस स्तर पर भी खरीदारी बढ़ाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने अगले चार तिमाहियों (4 क्वार्टर) के लिए इस शेयर का 650 रुपये का लक्ष्य मूल्य (टारगेट प्राइस) निर्धारित किया है।
दिन के कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अच्छी रिकवरी की और लगभग सपाट स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना आवश्यक है।
