केंद्र सरकार ने ओडिशा और झारखंड में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने रेलवे मंत्रालय की दो महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 3,907 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, परियोजनाएं पूरी होने के बाद भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगा, जबकि व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ और जाम की समस्या कम होगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने पारादीप–हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण और राजखरसावां–दांगोआपोसी रेलखंड पर चौथी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन परियोजनाओं का सीधा लाभ ओडिशा और झारखंड के चार जिलों को मिलेगा। रेलवे के मुताबिक, करीब 1,526 गांवों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लगभग 14 लाख लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और स्थानीय व्यापार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
नई रेल परियोजनाओं से ललितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बालदेवज्यू मंदिर और मेघाहातुबुरू हिल्स जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। वहीं, कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर और जिप्सम जैसे खनिजों की ढुलाई भी अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।
रेलवे के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हर वर्ष करीब 44 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी, जिससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
सरकार का कहना है कि रेलवे क्षमता बढ़ने से सड़क परिवहन पर निर्भरता घटेगी। इससे हर साल लगभग 6 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी और करीब 29 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकेगा। सरकार के अनुसार, यह प्रभाव लगभग एक करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा।
केंद्र सरकार का कहना है कि ये परियोजनाएं पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करेंगी और पूर्वी भारत में आर्थिक विकास को नई रफ्तार देंगी।
