देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि शहर में संचालित सीवर लाइन, पेयजल लाइन एवं विद्युत लाइनों के अंडरग्राउंड कार्य कटिंग अनुमति न मिलने के कारण प्रभावित हो रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे सभी लंबित मामलों की विस्तृत सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति दी जा सके।
जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और भौतिक सत्यापन से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक एवं राइजिंग मेन बिछाने के कार्यों में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित एई, जल संस्थान पित्थूवाला को कार्यों में तेजी लाने की चेतावनी देते हुए वेतन रोकने तक की कार्रवाई की बात कही।
दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना का कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 51 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 22 पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग को 30 जून तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्थल का चयन अनुचित पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वेतन रोकने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान लगभग 218 करोड़ रुपये लागत की लंबित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने देरी के कारणों पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए सड़क, पुल एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अगस्त माह से पूर्व परियोजना को हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को यातायात सुविधा का लाभ मिल सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें तथा जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरि सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
