छात्रों से जुड़े मुद्दों और प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और मकर द्वार के सामने विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर छात्र आंदोलनों, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करना मंगलवार को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सांसदों और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने सख्ती बरती, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
आरजेडी सांसद संजय यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और युवाओं में बेरोजगारी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने वाले छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने कथित परीक्षा पेपर लीक मामले, छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
हिरासत के बाद प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी प्रियंका गांधी की हिरासत की सूचना मिलने पर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद छात्र संगठन CJP के ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद शुरू हुआ, जिसके विरोध में विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।
