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ट्रंप से मुलाकात के लिए अमेरिका पहुंचे लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन, इजरायल-लेबनान तनाव और शांति प्रक्रिया पर होगी अहम चर्चा

वॉशिंगटन। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। यह बैठक उनकी चार दिवसीय अमेरिका यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब इजरायल और लेबनान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है।

राष्ट्रपति जोसेफ आउन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजरायल के बीच प्रत्यक्ष वार्ता चल रही है। लेबनान सरकार को उम्मीद है कि इस बातचीत के जरिए दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों से इजरायली सेना की वापसी का रास्ता साफ होगा, जहां अभी भी उसका नियंत्रण बना हुआ है। साथ ही लेबनानी सेना को इन क्षेत्रों में पूरी तरह तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हो रही है।

हिज़्बुल्लाह के बाद बदल रहे हालात

पिछले कुछ महीनों में इजरायल और ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के बीच हुए संघर्ष ने दक्षिणी लेबनान में भारी तबाही मचाई है। इस संघर्ष के बाद क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना अमेरिका, लेबनान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

लेबनान चाहता है कि उसकी सेना उन क्षेत्रों का नियंत्रण अपने हाथ में ले, जहां लंबे समय तक हिज़्बुल्लाह का प्रभाव रहा है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव को रोकने की कोशिश की जा रही है।

‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ से जगी उम्मीद

दोनों देशों ने 26 जून को एक ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ (रूपरेखा समझौता) की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी, हिज़्बुल्लाह के हथियार छोड़ने की प्रक्रिया और भविष्य में स्थायी शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने की रूपरेखा तय की गई थी।

हालांकि, इजरायल और लेबनान के बीच अब तक कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। वर्ष 1948 में इजरायल की स्थापना के बाद से दोनों देश दशकों से संघर्ष और तनाव की स्थिति में रहे हैं।

‘पायलट जोन’ योजना पर आगे बढ़ी प्रक्रिया

इससे पहले इटली की राजधानी रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में दो दिनों तक चली वार्ता के बाद दोनों देशों ने दक्षिणी लेबनान में ‘पायलट जोन’ लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की थी। इस योजना के तहत चयनित क्षेत्रों से इजरायली सेना को हटाकर वहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेबनानी सेना को सौंपी जाएगी।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दोनों पक्ष ‘पायलट जोन’ के संचालन के ढांचे और दिशा-निर्देशों पर सहमत हो चुके हैं। विभाग ने सोमवार को बताया कि इस योजना के तहत फ्रौन, श्रीफा और जवतार अल-ग़रबीह नामक तीन गांवों में प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि इन अभियानों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

बैठक पर दुनिया की नजर

राष्ट्रपति जोसेफ आउन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को क्षेत्रीय शांति प्रयासों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता युद्धविराम को स्थायी बनाने, दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, इजरायली सेना की वापसी और लेबनान के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

फिलहाल इस बैठक को लेकर न तो लेबनान और न ही इजरायल की ओर से कोई अतिरिक्त आधिकारिक बयान जारी किया गया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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