Kedarnath यात्रा के दौरान बीती रात हुई तेज बारिश के कारण सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग कुछ समय के लिए बाधित हो गया। घटना के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, National Disaster Response Force, State Disaster Response Force, पुलिस और अन्य राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात की समीक्षा की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
प्रशासन की टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग को फिर से खोल दिया। यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया और पूरी रात निगरानी तथा राहत कार्य जारी रखा गया।
Kedarnath धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन के मुताबिक 19 मई तक छह लाख 94 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।

