Uttarakhand के पर्वतीय इलाकों में लगातार बढ़ रही जंगल की आग के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। Chamoli जिले के बदरीनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में आग बुझाने गए एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार बिरही क्षेत्र में जंगल में लगी आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम मंगलवार शाम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान 43 वर्षीय फायर वॉचर Rajendra Singh अचानक चट्टान से नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि Rajendra Singh बदरीनाथ क्षेत्र के पाखी-जलग्वाड़ गांव के निवासी थे और पिछले करीब आठ वर्षों से वन विभाग के साथ फायर वॉचर के रूप में कार्य कर रहे थे। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि Uttarakhand Forest Department जंगल की आग पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फायर वॉचरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और संसाधनों के जोखिम भरे इलाकों में काम करने भेजा जाता है।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई।
परिजनों का कहना है कि फायर वॉचरों को केवल फायर सीजन के दौरान अस्थायी रूप से रखा जाता है और उन्हें 8 से 10 हजार रुपये तक मानदेय मिलता है। ऐसे में राजेंद्र सिंह की मौत के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मृतक के बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण के लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

