कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा के लिए जल्द दिल्ली जाएंगे और पार्टी आलाकमान से मंजूरी मिलने के बाद कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
20 मंत्री पद अब भी खाली
राज्य में फिलहाल मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री हैं, जबकि नियमों के अनुसार मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। यानी अभी 20 मंत्री पद खाली हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इन पदों के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक सक्रिय रूप से दावेदारी कर रहे हैं।
18 जुलाई को दिल्ली दौरे की संभावना
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 18 जुलाई को दिल्ली जाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि 20 जुलाई से पहले कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है, ताकि संसद के मानसून सत्र और राज्य विधानसभा सत्र से पहले नई टीम तैयार हो सके।
विधानसभा सत्र को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अगस्त से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र उनकी तत्काल प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार में उनकी ओर से कोई देरी नहीं है और जैसे ही पार्टी नेतृत्व समय देगा, वह दिल्ली पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा, “मेरी तरफ से कैबिनेट विस्तार में कोई देरी नहीं है। पार्टी नेतृत्व जब समय देगा, मैं दिल्ली जाऊंगा। अगले तीन-चार दिनों में तारीख मिलने की उम्मीद है।”
कावेरी जल विवाद पर भी दिया बयान
कावेरी नदी के जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों और पेयजल आपूर्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, अदालत के निर्देशों का पालन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को कर्नाटक सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखेगी, जिसके बाद तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
नए चेहरों को मिल सकती है जगह
कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करने और क्षेत्रीय व जातीय संतुलन बनाए रखने पर भी विचार कर रही है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा।
