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राहुल गांधी को CAIT की चिट्ठी, व्यापारियों ने किया ‘धिक्कार दिवस’ मनाने का ऐलान, प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित होने का आरोप

देशभर के व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और रैलियों को लेकर नाराजगी जताई है। संगठन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पिछले एक महीने से दिल्ली में हो रहे धरने और प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। CAIT ने इस मुद्दे पर देशभर में ‘धिक्कार दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि अब यह सिर्फ दिल्ली के व्यापारियों का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है।

CAIT ने कहा है कि वह राहुल गांधी के जवाब का इंतजार करेगा। दीपावली के तुरंत बाद दिल्ली में संगठन के राष्ट्रीय और विभिन्न राज्यों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और ‘धिक्कार दिवस’ मनाने की तारीख भी घोषित की जाएगी।

संगठन का कहना है कि यदि दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों के कारण कारोबार प्रभावित हो सकता है, तो भविष्य में देश के दूसरे शहरों में भी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी स्तर पर आवाज उठाने की जरूरत है।

राहुल गांधी को लिखे पत्र में CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन से आयोजित रैलियों और प्रदर्शनों का दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह समय त्योहारों और शादियों की खरीदारी का है, लेकिन बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

बीसी भरतिया ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ वे लोगों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं, जिनसे बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित होती है। इससे छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।

CAIT ने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(G) का हवाला देते हुए कहा कि देश के नागरिकों को अपनी आजीविका कमाने और व्यापार करने का अधिकार भी प्राप्त है। संगठन ने सवाल उठाया कि क्या विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार व्यापार करने और रोजी-रोटी कमाने के अधिकार से बड़ा है?

बीसी भरतिया के मुताबिक, संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल इस तरह नहीं होना चाहिए, जिससे छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और कामगार परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान दूसरे लोगों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

CAIT ने खासतौर पर 1 नवंबर को आयोजित रैली और पिछले एक महीने से दिल्ली में अलग-अलग संगठनों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि इन गतिविधियों के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब संगठन देशभर के व्यापारियों को एकजुट कर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तैयार करने की तैयारी में है।

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