
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर तेहरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका एक और बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान कहा कि अमेरिका को एक और ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। उनके इस बयान के बाद ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर दोबारा हमला किया, तो खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप ने फिर दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
शुक्रवार को फ्लोरिडा में आयोजित एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक और ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान शुरू करने की संभावना जताई। यह नाम अमेरिका के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान से जुड़ा है। ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और समझौते को लेकर अनिश्चितता दिखाई दे रही है।
इससे पहले एक अमेरिकी दूत ने भी संकेत दिया था कि सप्ताहांत तक ईरान पर नए हमले हो सकते हैं। हालांकि, ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि अमेरिका ने किसी नए सैन्य अभियान को अंतिम मंजूरी दे दी है या नहीं।
ईरान की चेतावनी- समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल को बना सकते हैं निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकी के जवाब में ईरानी अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र में बिछी समुद्र के नीचे की इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जावानी ने कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
दावे के मुताबिक, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्र के नीचे बिछी सात प्रमुख इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। हालांकि, इन केबल को काटने की किसी वास्तविक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
इंटरनेट केबल कटने से दुनिया पर क्या पड़ेगा असर?
समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल दुनिया के देशों के बीच इंटरनेट डेटा पहुंचाने का प्रमुख माध्यम हैं। अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक का बहुत बड़ा हिस्सा इन्हीं केबलों के जरिए गुजरता है। यदि इस क्षेत्र में कई प्रमुख केबल क्षतिग्रस्त होती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रांसफर प्रभावित हो सकता है।
इसके संभावित असर कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकते हैं:
इंटरनेट सेवाएं: कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट की गति धीमी हो सकती है और कनेक्टिविटी बाधित हो सकती है।
बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन: अंतरराष्ट्रीय भुगतान और वित्तीय संस्थानों के बीच डेटा संचार प्रभावित हो सकता है।
ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाएं: डेटा सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में देरी हो सकती है।
मरम्मत में परेशानी: संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्र में केबलों की मरम्मत करना जोखिम भरा और महंगा हो सकता है।
हालांकि, केबल क्षतिग्रस्त होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद हो जाएगा। इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी केबल प्रभावित होती हैं और वैकल्पिक नेटवर्क कितना उपलब्ध है।
ट्रंप ने युद्ध खत्म करने को लेकर भी दिया था बयान
ईरान पर नए हमले की धमकी देने से पहले ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका युद्ध को जल्द समाप्त करने की क्षमता रखता है। उन्होंने सवाल उठाया था कि अमेरिका को युद्ध तुरंत खत्म करना चाहिए या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति मिल रही है। उनके अलग-अलग बयानों के बीच ईरान के साथ आगे की रणनीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
फिलहाल, अमेरिका की ओर से नए हमले की अंतिम घोषणा और ईरान की ओर से इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की किसी वास्तविक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव सैन्य सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।

