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फ्लाईदुबई के को-पायलट का बड़ा खुलासा, बोला- ‘गाजा का बदला लेने के लिए किया था हमला’

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने पूछताछ में कथित तौर पर हमले की वजह बताई है। इजरायली ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘माको’ की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने अमीराती जांचकर्ताओं से कहा कि उसने यह हमला गाजा का बदला लेने के लिए किया था और वह शहीद होकर मरना चाहता था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ता अब उसके फोन, विदेश यात्राओं और संपर्कों की जांच कर रहे हैं। जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि उसने कथित तौर पर यह हमला अकेले किया था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी।

कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने का दावा

अल-हम्मामी को लेकर पहले भी कई गंभीर दावे सामने आ चुके हैं। खबरों के मुताबिक, उसे पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन से कथित तौर पर उसकी चरमपंथी सोच के कारण हटा दिया गया था।

CNN की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि बाद में उसके नाम से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इजरायली विमानों के कॉकपिट से संबंधित वीडियो और अल-कायदा से जुड़े लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पहले कहा था कि माना जा रहा है कि को-पायलट इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।

उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुआ था हमला

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या इजरायली यात्रियों की बताई गई।

तेल अवीव पहुंचने से करीब एक घंटे पहले को-पायलट अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इस दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान कुछ ही सेकंड में 17 हजार फीट से अधिक नीचे आ गया।

यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली स्थिति

हमले के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने स्थिति का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों को कॉकपिट के अंदर की स्थिति का पता चला और उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की।

विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी स्थिति संभालते हुए विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया। इस तरह विमान को संभावित बड़ी दुर्घटना से बचाया गया और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अल-हम्मामी ने इससे पहले जुलाई में भी हमला करने के बारे में विचार किया था, लेकिन आखिरी समय में उसने कथित तौर पर अपना इरादा बदल दिया था।

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