
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को सांकेतिक जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि देश के नागरिकों के वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम कर रहा है।
मीरा कुमार ने की मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की। उन्होंने कहा कि यह सभा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग की कार्यवाही के लिए बुलाई गई है। मीरा कुमार ने आरोप लगाया कि देश के करोड़ों लोगों के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इस मामले में सवाल पूछने पर भी कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन ने इसी मुद्दे पर सभा बुलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन-महाभियोग लाने और उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से प्रस्ताव सदन के सामने रखने और अपना वक्तव्य देने को कहा।
वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत: खरगे
अपने संबोधन की शुरुआत में मल्लिकार्जुन खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अधिकार के जरिए जनता अपनी सरकार चुनती है और जरूरत पड़ने पर उसे सत्ता से बाहर भी करती है।
खरगे ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत नागरिकों को मिला मतदान का अधिकार आज गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल और मौलाना आजाद समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों ने देश में लोकतंत्र और संविधान की स्थापना के लिए संघर्ष किया था।
ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं। खरगे के मुताबिक, लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने और जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष संघर्ष कर रहा है।
गौरतलब है कि खरगे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक बयान के कारण भी चर्चा में रहे थे। बिहार के पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

