
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार पर ईरान ने खुशी जताई है। ईरान ने कहा है कि अमेरिकी जनता ने अपने मतदान के जरिए युद्ध के खिलाफ संदेश दिया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध को नकार दिया है और ईरान इस संदेश का समर्थन करता है। उनके इस बयान को अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक्स पर लिखा, “चाहे यह जमीर की आवाज हो या जीवनयापन की बढ़ती लागत, अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।” उन्होंने अमेरिकी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जनता की इस इच्छा के खिलाफ जाती है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को जल्द समझ आ जाएगा कि जनता का यह ‘ना’ किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा।
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई अहम राज्यों में जीत दर्ज कर रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है। डेमोक्रेट्स ने सीनेट में नियंत्रण हासिल किया और कई महत्वपूर्ण राज्यों में गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की। टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा जैसे राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।
रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खासकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और इसके कारण बढ़ी ईंधन की कीमतों ने चुनाव में अहम भूमिका निभाई। चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने भी माना था कि युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ा है।
चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने शुरुआत में कहा कि वह नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी हार को लेकर लिखा, “मैं चुनाव मैदान में नहीं था और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते!” इस तरह उन्होंने पार्टी की हार का ठीकरा खुद के चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होने पर फोड़ा।
वहीं, डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने ओहायो, आयोवा, जॉर्जिया और टेक्सास जैसे राज्यों में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है। इन नतीजों के बाद अमेरिका की घरेलू राजनीति के साथ-साथ ईरान के साथ उसके संबंधों को लेकर भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

