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पाकिस्तान पर सूडान को हथियार भेजने का आरोप, BPC बोला- बख्तरबंद वाहन और ड्रोन से बढ़ सकता है संघर्ष

बालोच पीपुल्स कांग्रेस (BPC) ने पाकिस्तान पर सूडान को कथित तौर पर सैन्य उपकरण और हथियार उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन का दावा है कि पाकिस्तान से बख्तरबंद वाहन, ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरण सूडान पहुंच रहे हैं, जिससे वहां जारी गृहयुद्ध और हिंसा और बढ़ सकती है। BPC ने कथित सैन्य सहयोग और उसकी फंडिंग की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

BPC और उससे जुड़े बालोच, पश्तून तथा सिंधी संगठनों के मुताबिक, हाल ही में पाकिस्तान में निर्मित मोहाफिज-वी (Mohafiz-V) बख्तरबंद वाहन सूडान की एक सैन्य परेड में दिखाई दिया। संगठन का दावा है कि सार्वजनिक रूप से इस वाहन की मौजूदगी सामने आने का यह पहला मामला है।

मोहाफिज-वी का निर्माण पाकिस्तान की सरकारी कंपनी हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला (HIT) की सहायक कंपनी HIT Armour से जुड़ा बताया जाता है। BPC का आरोप है कि इसकी मौजूदगी दोनों देशों के बीच संभावित बड़े सैन्य सहयोग की ओर इशारा करती है।

BPC ने आरोप लगाया है कि कथित सैन्य सहयोग केवल बख्तरबंद वाहनों तक सीमित नहीं है। संगठन के मुताबिक, इसमें YIHA-III आत्मघाती ड्रोन, शाहपर-2 ड्रोन, K-8 कराकोरम विमान और चीन निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल हो सकते हैं।

संगठन ने कुछ रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि इन सैन्य उपकरणों में से कुछ कथित तौर पर सऊदी अरब के रास्ते सूडान पहुंचे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस कथित सौदे के वास्तविक आकार और उसकी फंडिंग को लेकर स्पष्टता नहीं है।

BPC के मुताबिक, कुछ विशेषज्ञ रिपोर्टों में करीब 1.5 अरब डॉलर के प्रस्तावित हथियार सौदे का उल्लेख किया गया है। संगठन का दावा है कि सऊदी अरब की ओर से कथित तौर पर वित्तीय समर्थन वापस लिए जाने के बाद यह सौदा रुक गया था।

हालांकि, BPC का कहना है कि सूडान में पाकिस्तानी सैन्य उपकरण दिखाई देने से संकेत मिलता है कि कथित सैन्य सहयोग का कम से कम कुछ हिस्सा लागू हो चुका हो सकता है।

इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।

BPC ने पाकिस्तान की सेना पर बालोच और पश्तून इलाकों में नागरिकों के खिलाफ उन्नत हथियारों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। संगठन का दावा है कि यदि सैन्य उपकरणों की बिक्री से पाकिस्तान को आर्थिक लाभ मिलता है, तो उसका इस्तेमाल देश के भीतर सैन्य गतिविधियों को मजबूत करने में किया जा सकता है।

हालांकि, ये आरोप BPC और उससे जुड़े संगठनों की ओर से लगाए गए हैं और इनके संबंध में पाकिस्तान सरकार या सेना की प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच संघर्ष जारी है। इस लड़ाई ने देश में गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

BPC का कहना है कि ऐसे समय में अगर सूडान को अतिरिक्त सैन्य उपकरण और हथियार मिलते हैं तो संघर्ष और तेज हो सकता है और शांति प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है।

संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित पाकिस्तानी हथियारों की आपूर्ति की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ऐसी सप्लाई रोकने की अपील की है। साथ ही उसने सैन्य सौदे, उसकी फंडिंग और कथित बिचौलियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

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