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शहजाद भट्टी नेटवर्क पर केंद्र का बड़ा एक्शन, UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित

केंद्र सरकार ने शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। इसके अलावा नेटवर्क पर युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने का आरोप है। मंत्रालय के अनुसार, यह सिंडिकेट भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने के उद्देश्य से नफरत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी तैयार और प्रसारित करता था।

गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की ओर से की जा रही व्यापक जांच का हिस्सा है।

अगस्त में 14 राज्यों में हुई थी कार्रवाई

शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ इससे पहले अगस्त में भी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। इस दौरान देश के 14 राज्यों में कार्रवाई करते हुए 200 से ज्यादा संदिग्धों और नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस कार्रवाई के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जानकारी दी थी।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच में नेटवर्क के कथित सीमा पार कनेक्शन और भारत में उसके संपर्कों को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनके संपर्कों और कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले डिजिटल माध्यमों की भी जांच कर रही हैं।

80 से ज्यादा FIR दर्ज

गृह मंत्रालय के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले UAPA के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, जांच के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कथित तौर पर निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन बरामदगियों की जांच से नेटवर्क के कथित सीमा पार संपर्कों को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़ने का आरोप

शहजाद भट्टी को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में भी कई दावे सामने आ चुके हैं। जुलाई में पंजाब से जुड़े आतंकी हमलों की जांच के दौरान NIA ने दावा किया था कि भट्टी विदेश में रहकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता था।

जांच एजेंसी के अनुसार, युवाओं को संपर्क में लेने के बाद उन्हें एक WhatsApp ग्रुप से जोड़ा जाता था और कथित तौर पर आपराधिक या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

कौन है शहजाद भट्टी?

शहजाद भट्टी को सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान से जुड़े एक गैंगस्टर के तौर पर देखती हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, उस पर आपराधिक गतिविधियों के साथ-साथ भारत में कथित आतंकी नेटवर्क को बढ़ावा देने और युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने के आरोप हैं। उसके वर्तमान ठिकाने को लेकर भी अलग-अलग जांच एजेंसियों की ओर से दावे सामने आते रहे हैं।

अब केंद्र सरकार द्वारा शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किए जाने के बाद इस संगठन से जुड़े लोगों और उसकी गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। संगठन को आतंकी घोषित किए जाने के बाद उसके नेटवर्क, फंडिंग, संपर्कों और उससे जुड़े व्यक्तियों की जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रमुख फोकस बनी रहेगी।

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