नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए छात्रों के आंदोलन की सराहना की और इसे लोकतंत्र की जीत बताया।
राहुल गांधी ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे शिक्षा तंत्र को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।” उन्होंने उन छात्रों और युवाओं को बधाई दी, जिन्होंने अपने भविष्य, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, गरीब और समाज के वे सभी लोग, जो खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं, उन्हें भी अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से खड़ा होना चाहिए। राहुल गांधी के मुताबिक, यही लोकतंत्र की असली ताकत और साहस है।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बावजूद दो महत्वपूर्ण मांगें अभी भी पूरी होनी बाकी हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री छात्रों और देश के भविष्य के प्रति सम्मान दिखाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें तथा छात्रों पर कथित हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने की भी अपील की।
राहुल गांधी शुरुआत से ही जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में रहे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था।
देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दस दिनों की घटनाओं से वे बेहद दुखी हैं और उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
अपने दो पन्नों के इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं तथा हमेशा एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानते रहे हैं। साथ ही उन्होंने देश के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी जताया।
