2026 FIFA World Cup के नॉकआउट चरण से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद FIFA ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगे एक मैच के निलंबन को एक वर्ष की प्रोबेशन अवधि के लिए स्थगित कर दिया है। इसके बाद अब बालोगुन 7 जुलाई को बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेल सकेंगे।
बालोगुन को 1 जुलाई को बोस्निया और हर्जेगोविना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाफ मुकाबले में सीधे रेड कार्ड मिलने के बाद अगले मैच के लिए स्वतः निलंबित कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से इस फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था। इसके बाद FIFA ने अपने अनुशासनात्मक नियमों के अनुच्छेद 27 का हवाला देते हुए निलंबन को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया।
रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह FIFA के अपने नियमों के विपरीत है। संघ ने इस फैसले को चौंकाने वाला बताते हुए कानूनी विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही।
बेल्जियम के मुख्य कोच रूडी गार्सिया ने भी फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगा मानो FIFA के दफ्तर में 5 जुलाई नहीं बल्कि 1 अप्रैल हो।
UEFA ने भी FIFA के फैसले की तीखी आलोचना की। UEFA ने अपने बयान में कहा कि एक रेड कार्ड के बाद अगले मैच का निलंबन अनिवार्य नियम है और बीच टूर्नामेंट में इस तरह का अपवाद खेल की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है। संस्था ने इसे “अभूतपूर्व, समझ से परे और अनुचित” करार दिया।
FIFA ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अनुशासनात्मक संहिता के अनुच्छेद 27 के तहत किसी दंड के क्रियान्वयन को प्रोबेशन अवधि के लिए स्थगित किया जा सकता है। इसी प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए बालोगुन के एक मैच के निलंबन को फिलहाल लागू नहीं किया गया है। हालांकि, यदि वह एक वर्ष की प्रोबेशन अवधि के दौरान इसी तरह का उल्लंघन करते हैं तो यह निलंबन फिर से प्रभावी हो जाएगा।
यह फैसला विश्व कप के दौरान सबसे चर्चित विवादों में से एक बन गया है। कई फुटबॉल विशेषज्ञ और प्रशंसक इसे खेल में राजनीतिक हस्तक्षेप और निष्पक्षता से जुड़े बड़े सवाल के रूप में देख रहे हैं।
