नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुए हमले के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कैप्टन स्मित, इजरायली यात्रियों और UAE के क्रू की भूमिका की सराहना करते हुए इस घटना को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर खड़े होने का उदाहरण बताया है।
इजरायली विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि एक जिहादी हमलावर विमान को क्रैश करना चाहता था, लेकिन विमान में मौजूद इजरायली यात्रियों, भारतीय पायलट और UAE के क्रू ने मिलकर स्थिति का मुकाबला किया और यात्रियों की जान बचाई।
34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ हमला
बताया गया कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर थी। इसी दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया।
कैप्टन स्मित के मुताबिक, को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कहकर अपनी सीट से उठने की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद उसने पीछे से कैप्टन पर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे कुछ इजरायली यात्री अंदर पहुंच सके।
बताया गया कि तीन इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। इसी दौरान अतिरिक्त पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को संभालने की जिम्मेदारी ली।
यात्रियों ने मिलकर संभाली स्थिति
हमलावर को काबू करने के बाद उसके हाथ बांध दिए गए और घायल कैप्टन स्मित को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से उतारने की तैयारी की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब में उतारने का फैसला किया गया। नए पायलट ने यात्रियों को सीट बेल्ट बांधने की घोषणा की। इसके बाद विमान में सवार लोगों ने राहत की सांस ली।
इजरायल ने की भारतीय पायलट की तारीफ
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को भारत, इजरायल और UAE के लोगों के एक साथ खड़े होने का उदाहरण बताया। मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इजरायली यात्री, भारतीय पायलट और अमीराती क्रू एकजुट होकर खड़े हुए।
कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना भारत समेत कई देशों में हो रही है। उनकी कहानी ने यह दिखाया कि गंभीर खतरे के बीच भी विमान में मौजूद लोगों ने मिलकर स्थिति को संभालने और यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

