
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट द्वारा कथित हमले के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पुलिस ने मालदीव के दो पायलटों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों पायलट इस मामले के मुख्य आरोपी ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के संपर्क में थे। हालांकि, UAE के अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी और कथित संलिप्तता को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
इस घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए थे। आरोप है कि उन्होंने विमान को हाईजैक करने और दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई।
3 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए दोनों पायलट
मालदीव के न्यूज पोर्टल ‘अधाधु’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलटों को 3 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। संयुक्त अरब अमीरात में मालदीव के दूतावास ने उनके परिवारों को हिरासत की जानकारी दे दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मालदीव के अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, UAE की ओर से भी दोनों पायलटों पर लगे आरोपों और जांच की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ये गिरफ्तारियां 30 सितंबर को हुई घटना की जांच के दौरान की गईं। इस मामले में फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी पर विमान के भारतीय कैप्टन पर हमला करने और विमान पर कब्जा करने की कथित कोशिश का आरोप है।
अल-हम्मामी के संपर्क में होने का आरोप
मालदीव के अखबार ‘मिहारू’ की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों पायलट कथित तौर पर अपने कार्यस्थल पर अल-हम्मामी के संपर्क में थे। यह भी बताया गया है कि वे उसी इमारत में रहते थे, जहां आरोपी रहता था।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों पायलटों का कथित हमले से किस तरह का संबंध था और उनके खिलाफ क्या सबूत मिले हैं। इसलिए मामले में उनकी भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
न्यूज पोर्टल ‘edition.mv’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलट फ्लाईदुबई में काम करने वाले मालदीव के छह नागरिकों में शामिल हैं। बताया गया है कि वे इस एयरलाइन में हाल ही में भर्ती हुए पायलटों में से हैं।
174 यात्रियों और क्रू सदस्यों के साथ जा रहा था विमान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में कुल 174 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, तभी कथित हमला हुआ।
आरोप है कि उड़ान के दौरान को-पायलट अल-हम्मामी ने विमान पर कब्जा करने और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। शुरुआती रिपोर्टों में हमले के लिए कुल्हाड़ी का जिक्र किया गया, जबकि अन्य विवरणों में चाकू से हमला किए जाने की बात भी सामने आई है।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कथित तौर पर हमलावर का मुकाबला किया। इसके बाद क्रू सदस्यों और यात्रियों ने मिलकर को-पायलट को काबू में करने में मदद की। विमान को सुरक्षित रखने के लिए सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
जांच में सामने आएंगे कई अहम सवाल
इस मामले में अब जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। इनमें गिरफ्तार पायलटों और अल-हम्मामी के बीच संपर्क की प्रकृति, कथित साजिश में उनकी संभावित भूमिका और विमान पर हमले के पीछे की मंशा शामिल हैं।
फिलहाल, दोनों मालदीव के पायलटों के खिलाफ आरोपों और जांच के निष्कर्षों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों के बयान सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

