रेप पीड़ित बच्ची के माता-पिता का आरोप इलाज के बिना दी छुट्टी

उत्तराखंड में रेप पीड़िता एक बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि उनकी नौ साल की बच्ची को समुचित इलाज के बिना ही अस्पताल से छुट्टी दी गई. पीड़ित बच्ची के अभिभावकों का आरोप यह भी है कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने के लिए जाते वक्त उसे आरोपी के साथ पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया. फिलहाल, राज्य के सामाजिक कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने लड़की के माता-पिता को आश्वासन दिया कि उनके आरोपों की जांच की जा रही है.

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने समुचित इलाज के बिना बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने और पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हुए उसे आरोपी के साथ वाहन में बैठाने के संबंध में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. आर्य ने बच्ची के परिजन से मिलकर उन्हें 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का चेक सौंपा.

टिहरी जिले के एक गांव की रहने वाली इस बच्ची के साथ गांव के ही एक व्यक्ति ने पिछले सप्ताह कथित रूप से बलात्कार किया. बच्ची को गुरुवार को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बच्ची की मां का आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे आरोपी के साथ एक ही वाहन में बैठा कर टिहरी ले जाया गया, जहां उसे मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराना था. माता-पिता का दावा है कि आरोपी के साथ एक ही वाहन में बैठने के कारण बच्ची पर मानसिक दबाव बढ़ गया और वह अपना बयान ठीक से नही दे सकी.

उसकी मां का आरोप है कि बिना इलाज के अस्पताल से छुट्टी मिलने और उसके तुरंत बाद 100 किलोमीटर तक गाड़ी में यात्रा करने के कारण बच्ची की तबीयत और खराब हो गई. बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मसूरी के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे वापस दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया.

बच्ची का इलाज कर रहीं डॉक्टर चित्रा जोशी ने बताया कि पीड़िता की स्थिति अभी स्थिर है. इंफेक्शन होने की वजह से बच्ची को कुछ दिक्कतें हो रही हैं. एक मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है. जब हमें लगेगा कि सब कुछ नॉर्मल है तो बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.

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