पीएम की यात्रा के बाद 45 दिनों में रिकॉर्ड 7.3 लाख लोग पहुंचे केदारनाथ

हिमालय में बना हिंदुओं का पावन तीर्थ स्थल केदारनाथ एक बार फिर सुर्खियों में है। 2013 में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में कमी आई थी। लेकिन छह साल बाद अब जाकर आने वालों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा दर्ज किया गया है। आपको जानकर हैरत होगी कि 2018 में छह महीने की अवधि में यहां कुल 7.32 लाख लोग आए थे। लेकिन इस केवल 45 दिनों में ही पिछले साल से ज्यादा लोग यहां आ चुके हैं।पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ की ध्यान गुफा में साधना के बाद से यह गुफा तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर रही है। 09 जुलाई तक के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम को ध्यान गुफा के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन बुकिंग मिल चुकी है। अभी तक गुफा से जीएमवीएन 33 हजार 480 रुपए की आय अर्जित कर चुका है।

9 मई से शुरू हो चुकी बाबा केदार की यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। देश-विदेश से बाबा के भक्त यहां उत्साह और उमंग के साथ पहुंच रहे हैं। वहीं, केदारनाथ मंदिर से करीब डेढ़ किमी पीछे बनाई गई ध्यान गुफा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

बता दें कि बीते माह 18 मई को केदारनाथ आगमन पर प्रधानमंत्री द्वारा लगभग साढ़े 17 घंटे इस गुफा में बैठकर साधना की गई थी। तब से केदारनाथ पहुंच रहे श्रद्धालुओं में गुफा में ठहरने को लेकर खासा उत्साह है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के अनुसार गुफा में ठहरने व ध्यान के लिए प्रतिदिन बुकिंग मिल रही है। नौ जुलाई तक बुकिंग मिल चुकी है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निगम द्वारा ऑफलाइन व ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है। इस माह गुफा के लिए निगम को एडवांस बुकिंग मिल रही है। कम जगह के चलते यहां एक समय में एक ही व्यक्ति को भेजा जा रहा है। ध्यान गुफा में ध्यान करने के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम ने उम्र का न्यूनतम मानक 18 वर्ष रखा है।

जो भी यात्री बुकिंग करवा रहा है, उसके लिए स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही स्थानीय डॉक्टर का चिकित्सा प्रमाण पत्र भी अनिवार्य किया गया है। गुफा में धूम्रपान, मध्यपान पर प्रतिबंध है। निगम द्वारा गुफा में मेडिटेशन करने वाले यात्री पर भी नजर रखी जा रही है। केदारनाथ की ध्यान गुफा में दिन में रहने और रात्रि प्रवास का अलग-अलग शुल्क तय किया गया है।

जीएमवीएन द्वारा दिन का शुल्क 990 रुपये रखा गया है, जबकि रात्रि प्रवास के लिए श्रद्धालुओं को 1500 रुपये भुगतान करना होगा। बुकिंग के दौरान निगम द्वारा एक कर्मचारी की गुफा के लिए विशेष ड्यूटी लगाई जा रही है। केदारनाथ क्षेत्र में तीन और ध्यान गुफाओं का निर्माण किया जाएगा।

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