अब स्वदेशी मेले में परोसा जायेगा पहाड़ी खाना, देखे पूरी खबर ..

15 अक्टूबर 2019 को दिल्ली में लगने वाले स्वदेशी मेले में पहाड़ी खाना परोसा जायेगा। मेले में मसूरी लंढौर बाजार के व्यवसायी पंकज अग्रवाल उतराखंड  का प्रतिनिधित्व करेंगे। पंकज कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनके द्वारा इसकी पूरी तैयारी कर ली गयी है। बताया कि 15 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में लगने वाले स्वदेशी मेले में उतराखंड के स्टाल की विशेषता यह रहेगी कि दो हजार वर्ग फीट में उतराखंडी मकान का लुक दिया जायेगा जिसमें 14 खंबों की तिबार सहित पत्थरों की छत होगी व उसमें मुंगरी टंगी होगी,उसमें जहां पहाड़ी भोजन परोसा जायेगा,वहीं यहां की सांस्कृतिक विरासत, लोक संस्कृति, पहनावा, खानपान व वेशभूषा देखने को मिलेगी।

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में पंकज अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में लगने वाले स्वदेशी मेले में उतराखंड की सांस्कृतिक विरासत को लेकर वे दिल्ली जा रहे हैं। 15 अक्टूबर को दिल्ली में लगने वाले मेले में देश के 29 राज्यों की सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले में पहाड़ी खाने के साथ ही यहां कि लोक संस्कृति, आभूषण, पहनावा,वाद्ययंत्रों सहित करीब 35 सौ उपयोगी वस्तुएं प्रदर्शित की जायेंगी।

जहां तक खाने का सवाल है तो खाने में तीन प्रकार की थाली परोसी जायेगी जिसमें नंदा थाली, महासू थाली व देवलगढ़ राजभोग थाली परोसी जायेगी। वहीं उतराखंडी मिठाई, अर्से, गुड़ की जलेबी, झंगरियाल, पल्लर, मंड़वे की रोटी, मक्के की रोटी, कंडाली का साग, तोर की दाल, व पंचमढ़ी दाल, जिसमें हींग व जख्या का तड़का लगा होगा, लाल चावल, कुमाउनी चटनी, मड़वे के समोसे व मोमो व उतराखंड में पैदा होने वाली सब्जी परोसी जायेगी। सभी खानों में तिल व चीलू का तेल प्रयोग किया जायेगा साथ ही गुड़ की चाय व शिलाजीत की चाय भी परोसी जायेगी। खाना जमीन पर बैठ कर कांसे की थाली व कटोरियों में परोसा जायेगा। स्टाल पर गढवाली वेशभूषा आंगड़ा घागरा में युवती भी खड़ी रहेगी तो पारंपरिक तरीके से खाना खाने वालों का स्वागत करेगी। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य पहाड़ी जीवन के तौर तरीकों को बताने के साथ ही सापेक्षिक संदेश देना भी है कि दिल्ली में रहने वाले 30 लाख उत्तराखंडी अपने प्रदेश लौटे व प्रदेश सरकार के साथ सामंजस्य बिठा कर यहां की शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के क्षेत्र में कार्य करें ताकि पलायन पर हमेशा के लिए अंकुश लग सके।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *