जिम कॉर्बेट में बाघ के हमलों से बचने के लिए गश्त के दौरान मास्क पहनेगे वनकर्मी

जिम कॉर्बेट पार्क में गश्त करने वाले कर्मचारियों को बाघों के हमलों से बचाने के लिए एक नया तरीका अपनाया जा रहा है। सुंदरवन की तर्ज पर वन कर्मचारियों को मनुष्य के चेहरेनुमा मास्क यानी मुखौटा पहनाकर गश्त कराने का निर्णय लिया गया है। ये मुखौटा कर्मचारी गश्त के दौरान सिर के पिछले हिस्से में पहनेंगे। वनाधिकारियों का तर्क है कि इससे बाघ कर्मचारियों पर न के बराबर हमला करेगा। 

कॉर्बेट के 1288 वर्ग किलोमीटर के जंगल में रोजाना छह सौ कर्मचारी लंबी और छोटी दूरी की गश्त करते हैं। लेकिन बाघों की तादात बढ़ते ही पार्क में गश्त कर्मचारियों पर बाघ और अन्य वन्यजीवों के हमले बढ़ने लगे हैं। इन हमलों में गश्त कर्मचारियों को जान भी गंवानी पड़ रही है। कॉर्बेट के कालागढ़ एसडीओ रमाकांत तिवारी ने बताया कि बाघ कर्मचारी पर आगे से हमला नहीं करता है, अभी तक की घटनाओं में बाघ ने पीछे से हमला कर गश्त कर्मचारी की जान ली है। घटनाओं को देखते हुए पार्क के उच्चाधिकारियों से वन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर राय ली गई। निर्णय लिया गया कि गश्त करने वाले सभी कर्मचारी अपने सिर के पिछले हिस्से में मनुष्य के चेहरेनुमा मुखौटा पहनेंगे। मुखौटा पहनकर गश्त करने वाला देश का यह पहला टाइगर रिजर्व होगा।

मास्क लगाने के ये होंगे फायदे
रामनगर। कॉर्बेट पार्क के डायरेक्टर राहुल ने कहा कि बाघ पीछे से ही हमला करता है। आमना-सामना होने पर बाघ जंगल की ओर चला जाता है। सिर के पिछले हिस्से में मुखौटा लगाकर गश्त करने से बाघ को ऐसे लगेगा कि गश्त कर्मी उसके देख रहा है। इससे बाघ हमला नहीं करेगा। 

सुंदरवन में अपनाया जाता है ये तरीका
वन्यजीव विशेषज्ञ संजय छिम्वाल ने बताया कि बंग्लादेश और भारत के बीच स्थापित सुंदरवन में मुखौटा लगाकर वन कर्मचारी गश्त करते हैं। सुंदरवन के आस-पास रहने वाले ग्रामीण भी जंगल के आस-पास से गुजरते वक्त मुखौटा पहनते हैं। 

पांच सालों में 15 हमले
कॉर्बेट में वन कर्मचारियों पर पिछले पांच सालों में बाघों के हमले बढ़े हैं। एसडीओ रमाकांत तिवारी ने बताया कि बिजरानी, ढिकाला, कालागढ़ आदि में पांच सालों में 15 हमले हो चुके हैं। पांच दिन पहले ढिकाला में बाघ ने एक बीट वाचर को मार डाला था। जबकि कालागढ़ में रेंजर समेत छह कर्मचारियों पर हाथी का हमला हुआ था। 

कॉर्बेट में कर्मचारियों पर बाघों और हाथियों के हमले बढ़ रहे हैं। इसका कारण पार्क में वन्यजीवों की संख्या बढ़ना और बरसात में झाडि़यों का उगना भी है। हमलों से वन कर्मचारियों को बचाने के लिए मुखौटा पहनकर गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वन कर्मचारियों की सुरक्षा पुख्ता की जा रही है। सुंदरवन में भी कर्मचारी मुखौटा पहनकर गश्त करते थे। -राहुल, निदेशक, कॉर्बेट।

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