अक्टूबर में भी कम नहीं हुआ डेंगू का डंक

अक्टूबर का पहला सप्ताह भी बीत गया, लेकिन उत्तराखंड में डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा है। ताजा रिपोर्ट में भी प्रदेश में 130 और लोगों को डेंगू का डंक लगा है। इनमें सबसे अधिक 81 मरीज देहरादून से हैं। वहीं, ऊधमसिंहनगर में भी 26 और नैनीताल में 23 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस तरह राज्य में डेंगू के मरीजों का अब तक का आंकड़ा बढ़कर 6768 हो गया है।

देहरादून में इस बार डेंगू की सबसे ज्यादा मार पड़ रही है। स्थिति यह कि यहां पर डेंगू के मरीजों की संख्या चार हजार तक पहुंचने वाली है। यहां जिन 81 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है वह अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इसके बाद देहरादून में डेंगू के मरीजों की अब तक की संख्या बढ़कर 3975 हो गई है।

नैनीताल में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 261 हो गई है। इसके अलावा ऊधमसिंहनगर में 364, हरिद्वार में 271, टिहरी में 54, अल्मोड़ा में 17 व पौड़ी में 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे डेंगू के मामलों को देख स्वास्थ्य विभाग भी पसोपेश में है।

डेंगू से निपटने के लिए पूर्व में की गई तैयारियां नाकाफी साबित होने पर विभाग को उम्मीद थी कि वातावरण में ठंड की दस्तक होने पर डेंगू की बीमारी फैलाने वाले एडीज मच्छर की सक्रियता कम होगी। अब तक तो ऐसा हुआ नहीं है। यही वजह कि मच्छर पहाड़ व मैदान में लगातार पैर पसार रहा है।

हालांकि, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बरसात थमने के बाद से मच्छर की सक्रियता कम हुई है। डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में टीमें लगातार दौरा कर रही हैं। लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

हरिद्वार के सीएमओ और एसडीएम ने सोमवार को छापुर गांव में बुखार पीड़ितों से मुलाकात की। स्वास्थ्य विभाग को गांव में डेंगू के अलावा सात टाइफाइड के भी मामले मिले हैं। छापुर गांव में एक माह में बुखार से 13 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। साथ ही पास के गांव सिकंदरपुर में तीन ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। करीब चार सौ से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।

सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी, एसडीएम संतोष कुमार पांडे स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर गांव में पहुंचे। प्रभावित परिवारों से वार्ता की गई। सीएमओ ने विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट को देखा। गांव में 7 लोगों में टाइफाइड के लक्षण मिले है।

जिस पर एसडीएम ने गांव के पानी की जांच के निर्देश दिए। इस पर जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता मोहम्मद जुनैद ने गांव में पहुंचकर पानी के सैंपल लिए। वहीं कस्बा भगवानपुर में भी कई लोग डेंगू की चपेट में है। इन लोगों का निजी नर्सिंग होम में उपवार चल रहा है।

रुड़की शहर में रोडवेज बस अड्डे के आसपास डेंगू का लार्वा तेजी से पनप रहा है। डिपो के स्टेशन इंचार्ज विवेक कपूर तीन दिन से डेंगू से पीड़ुत हैं। इसके अलावा बस अड्डे पर स्थित सहकारी समिति के सचिव वीरेंद्र गर्ग भी डेंगू की चपेट में आ गए है। साथ ही, लिपिक सतवीर सुमह, संत कुमार त्यागी को भी डेंगू हुआ है। करीब आठ कर्मचारी डेंगू की चपेट में हैं।

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