मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची पंचायत चुनाव संबंधी दस्तावेज

प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नियमावली अंतिम चरणों में है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा भेजी गई पत्रावली अब मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री से अनुमोदन मिलने के बाद इसे अंतिम रूप देकर आयोग को अवगत करा दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पंचायत चुनाव 20 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच तीन चरणों में  प्रस्तावित किए गए हैं। प्रदेश के 12 जिलों में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के कुल 66446 पदों के लिए चुनाव होने हैं। इन पदों के लिए 31 अगस्त को आरक्षण का निर्धारण करने के बाद पंचायतीराज निदेशालय ने इसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी थी।

त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण पहले ही हो चुका है। निर्वाचन के लिए ये दोनों प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने भी चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम राज्य सरकार को भेज दिया है। शासन ने प्रस्तावित कार्यक्रम में आवश्यक कार्यवाही करने के बाद अब इसे अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। माना जा रहा है कि यहां से अनुमोदन मिलने के बाद जल्द इसकी सूचना आयोग को भेज दी जाएगी। 

सहकारी समितियों के सदस्यों को पंचायत चुनाव लड़ने की छूट देने के संबंध में जल्द अध्यादेश जारी हो सकता है। दरअसल, पहले संशोधित पंचायतीराज एक्ट में यह प्रावधान कर दिया गया था कि सहकारी समितियों के सभापति, उपसभापति, प्रबंध समिति और सदस्य पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले पाएंगे। बाद में पता चला कि सहकारिता एक्ट में सहकारी समितियों के सदस्यों को पंचायत चुनाव लड़ने की छूट है। यह त्रुटि संज्ञान में आने के बाद अब इसे दूर करने को अध्यादेश लाया जा रहा है, जिस पर शीघ्र निर्णय होने की उम्मीद है।

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