धानुका एग्रीटेक और जी बी पंत यूनिवर्सिटी ने उत्तराखंड के किसानों को कीट के खतरे के बारे में दी जानकारी

 सार्वजनिक निजी साझेदारी मॉडल के तहत आयोजित की गई कार्यशाला

 यह कार्यशाला केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) के एसएमएस (सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट), विश्वविद्यालय छात्रों, कृषि वैज्ञानिकों, वितरकों, किसानों और राज्य कृषि विभाग के लिए खुली थी 

पंतनगर, 12 जुलाई 2019 अग्रणी कृषिरसायन कंपनी धानुका एग्रीटेक लिमिटेड और गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने भारतीय किसानों के सामने आने वाले फाल आर्मीवर्म (स्पोडोप्टेरा फ्रुगिपेर्डा) के खतरे से निपटने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का आयोजन सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत आज यहां किया गया।

फाल आर्मीवर्म एक आक्रामक कीट है जो मक्का की फसल पर हमला करता है। इसके चलते पिछले साल देश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। इसे सबसे पहले कर्नाटक में देखा गया था और फिर धीरे-धीरे यह कई अन्य राज्यों में फैल गया। यह मक्का किसानों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

इस कार्यशाला में वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों, किसानों, वितरकों, कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों, कृषि विज्ञान केंद्र और राज्य के कृषि विभाग आदि ने इस परजीवी/कीट की समस्या और इससे निपटने के सबसे अच्छे कृषि रसायन पर चर्चा की। 

इस अवसर पर धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के वरीय महाप्रबंधक श्री अशोक महाजन ने कहा, “सरकार कृषि और किसानों की बेहतरी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। धानुका एग्रीटेक ने पैदावार बढ़ाने के लिए प्रासंगिक समाधान देते हुए हमेशा कृषक समुदाय की मदद की है। पिछले साल किसानों की मेहनत को बर्बाद कर देने वाला फाल आर्मीवर्म एक बड़ा खतरा बन गया है। चूंकि यह कीट बहुत तेजी से अपनी तादाद बढ़ाता है, इसलिए अब बहुत जरूरी हो गया है कि संबंधित पक्षों को इसके नुकसानदेह असर और इससे निपटने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाए। हम भारत के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।”

भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने इस कीट के नियंत्रण के लिए 3 रसायनों के इस्तेमाल की सिफारिश की है – स्पिनेटोरम 11.7ः एससी (धानुका ब्रांड नाम लार्गो), क्लोरेंट्रानिलिप्रॉल 18.5ः एससी (धानुका ब्रांड कवर) और थियोमेथोक्सेम (धानुका ब्रांड नाम ईएम-1)।

अपनी विभिन्न पहलों के जरिए धानुका एग्रीटेक लिमिटेड 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी ने किसानों को फसल में बढ़ोतरी करने वाली नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए भारत भर में सेमिनार आयोजित किए हैं। 

मेसर्स धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के विषय मेंः

बेहतर फसल, बेहतर खेती और बेहतर जीवन की प्राप्ति में किसानों के सहयोग के लिए मेसर्स धानुका एग्रीटेक लिमिटेड कृषि में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की एक विस्तृत रेंज का निर्माण करता है। भारत के सभी प्रमुख राज्यों में मार्केटिंग कार्यालयों के जरिए कंपनी की अखिल भारतीय उपस्थिति है। इसके 7,000 से ज्यादा वितरक और डीलर का नेटवर्क पूरे भारत में लगभग 70,000 खुदरा विक्रेताओं को बिक्री कर रहा है और 1 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंच रहा है। कंपनी ने चार अमेरिकी और छह जापानी कंपनियों के साथ तकनीकी गठबंधन किए हैं।

धानुका एग्रीटेक ब्रांडेड बिक्री में भारत की शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल है। 150 से अधिक पंजीकरण और / 350 सक्रिय एसकेयू के साथ कंपनी की बाजार में व्यापक पैठ है। फिलहाल पूरे भारत में धानुका एग्रीटेक के 30 शाखा कार्यालय और 48 वेयरहाउस हैं।

धानुका प्रगतिशील किसानों के बीच एक पसंदीदा ब्रांड है। इसकी तरक्की के पीछे जो प्रमुख वजहें हैं, उनमें देश के भीतरी हिस्सों तक इसके गहन मार्केटिंग नेटवर्क की पैठ, कृषिगत आय में वृद्धि, कृषि रसायनों के लागत-लाभ अनुपात के बारे में अधिक जागरूकता, सभी फसलों में लगभग सभी समस्याओं के समाधान के साथ बेहद विविधतापूर्ण उत्पाद रेंज, खोजपरक मार्केटिंग रणनीति और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी गठजोड़ का होना शामिल हैं। कंपनी अपने सहयोग के माध्यम से हर साल नए उत्पाद जोड़ती रहती है और भारतीय किसानों के लिए नवीनतम तकनीक लाने के प्रयासों में लगातार जुटी हुई है।

About Shashi bhushan Bhatt

View all posts by Shashi bhushan Bhatt →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *