चुनाव जीतने के बावजूद पद नहीं संभाल पाएंगे कई प्रधान, ये है वजह ..

उत्तराखंड में चल रहे पंचायत चुनाव का सिलसिला अंतिम चरण में है। 16 अक्तूबर को तीसरे चरण के मतदान के बाद, 21 अक्तूबर को मतगणना होनी है। लेकिन, इसमें जीतने वाले कई ग्राम प्रधान कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाएंगे। कारण, पंचायत सदस्य के आधे से अधिक पद खाली रह गए हैं। इस कारण पंचायत गठन का नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाएगा।  राज्य में पंचायत सदस्यों के कुल 55,574 पद हैं, मगर करीब 22 हजार पद खाली रह गए हैं। ऐसे में इन पंचायतों में प्रधान निर्वाचित होने के बाद भी पंचायत का गठन नहीं हो पाएगा।

ग्राम पंचायत में जनसंख्या के मुताबिक पंचायत सदस्य के न्यूनतम सात से लेकर अधिकतम 15 सदस्य होते हैं। पंचायत के विधिवत गठन को दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचन जरूरी है। यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रधान कामकाज नहीं कर पाएंगे। इस पर पंचायती राज निदेशक एचसी सेमवाल ने कहा कि पंचायत सदस्यों को लेकर लोगों में खास रुझान नजर नहीं आता है। इस कारण हर बार कुछ जगह पद खाली रह जाते हैं। नियमानुसार इन पदों के लिए दोबारा चुनाव कराए जाएंगे, इसके बाद पंचायतों का विधिवत गठन हो जाएगा।

हालाँकि इधर  शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण का खाका तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, राजनैतिक मंजूरी मिलने के बाद आरक्षण अगले सप्ताह जारी किया जाएगा। 21 अक्तूबर को मतगणना के बाद ही आरक्षण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी होगी। ब्लॉक प्रमुख का आरक्षण सरकार पहले ही जारी कर चुकी है।

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