500 पर्यटक रोजाना कर रहे फूलों की घाटी का सौंदर्य

विश्व धरोहर फूलों की घाटी में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। एक जून से अब तक घाटी में 11753 पर्यटक पहुंच चुके हैं इस बार घाटी में पर्यटकों की आमद का नया रिकॉर्ड बन सकता है। सीमांत चमोली जिले में समुद्रतल से 12995 फीट की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी में इन दिनों 300 से अधिक प्रजाति के रंग-बिरंगे फूल खिले हुए हैं। साथ ही कल-कल करते बह रही पुष्पावती नदी, झरनों का सुमधुर संगीत, दूर-दूर तक नजर आते बर्फीले पहाड़, पङ्क्षरदों की चहचहाट व दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की चहलकदमी घाटी के सौंदर्य में चार चांद लगा रही है। इससे मंत्रमुग्ध पर्यटक घाटी की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से तो रोजाना 500 के आसपास पर्यटक फूलों की घाटी के दीदार को पहुंच रहे हैं। 

इस बार उनकी संख्या बीते वर्षों की अपेक्षा काफी अधिक है। बताया कि नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन को अब तक पर्यटकों से 14 लाख दस हजार 900 रुपये की आय हो चुकी है। स्कंद पुराण’ के केदारखंड में भ्यूंडार स्थित फूलों की घाटी को ‘नंदकानन’ नाम दिया गया है, जबकि महाकवि कालिदास ने इसका ‘अलका’ नाम से वर्णन किया है। इसके अलावा ‘गंदमादन’, ‘पुष्पावती’, ‘पुष्प रस’, ‘भ्यूंडार’, ‘देवद्वार’, ‘वैकुंठ’ आदि नामों से विभिन्न ग्रंथों में इस घाटी का जिक्र हुआ है।

 छह वर्षों में फूलों की घाटी पहुंचे पर्यटक 

वर्ष———–पर्यटक 

2019———–11753 (11 अगस्त तक) 

2018———–14712     

2017———–13752     

2016———–6503     

2015———–181     

2014———–484 

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